Friday, September 19, 2008

दिल्ली में पुलिस-आतंकी मुठभेड़, दिल्ली पर फिर दागा निशाना


दिल्ली पर आतंकवादियों का खतरा अभी टला नहीं है। शहर में आतंकियों की मौजूदगी ने आज पूरे दिल्ली को फिर हिला कर रख दिया। मेरे विचार से हर मस्जिद पर सुरक्षा बलों की तैनाती आवश्यक कर दी जानी चाहिए, क्योंकि यह सब नहीं किए जाने का ही परिणाम है कि आज आतंकियों ने फिर से दिल्ली को लक्ष्य बनाने की असफल कोशिश की। दक्षिणी दिल्ली के ओखला के पास जामिया नगर इलाके में स्थित खलीउल्लाह मस्जिद के पास एक घर में छिपे संदिग्ध आतंकवादियों के बीच पुलिस की मुठभेड़ में दो हुजी आतंकवादी ढेर हो चुके हैं और एक पकड़ा गया है। जबकि तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह मुठभेड़ दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के एक सप्ताह बाद हो रही है। मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब पुलिस अतीक नाम के आतंकी की तलाश में इलाके में गयी। ऐसा कहा जाता है कि अतीक सिमी कार्यकर्ता तौकीर का दाहिना हाथ है। इस बात की आशंका है कि तौकीर अहमदाबाद बम विस्फोट में शामिल रहा है। वह दिल्ली में हुए आतंकवादी हमले में भी वांछित है। इस सीधे मुठभेड़ से लोगों में डर पैदा हो गया है।दिल्ली दिलवालों की नहीं, बल्कि आतंकियों की नगरी बन चुकी है। यहां पर लोग आतंकियों को पनाह दे रहें हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। पुलिस सहित कई सुरक्षा बलों को सदैव तत्परता से ड्यूटी निभानी होगी। मैं एक बात और स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो नहीं कहनी चाहिए थी, लेकिन परिस्थितियां ही कुछ कह रहीं हैं कि मुसलिम समुदाय पर कड़ी निगरानी की जरूरत है। हर आतंकी संगठन के सारे के सारे सदस्य मुसलिम ही हैं। यह लोग या तो मस्जिद में छिपने का सहारा लेते हैं या फिर घरों में छिपते हैं। पुलिस को अपने गुप्त दूत पूरे शहर में बिछा दिए जाने चाहिए। सुरक्षा बलों को पूरी सतर्कता बरतनी होगी। दिल्ली अभी भी आग के गोले पर खड़ी है।

2 comments:

Suresh Chandra Gupta said...

मैंने हमेशा यही कहा है कि कुछ स्थानीय मुसलामानों की सहायता के बिना यह बम धमाके नहीं किए जा सकते. अब यह बात पूरी तरह से साबित हो रही है.

Udan Tashtari said...

सुरक्षा बलों को पूरी सतर्कता बरतनी होगी।

-सही कहा...और यह तो सतत व्यवस्था होना चाहिये.