Friday, October 17, 2008

सचिन के धमाके में हुए करोड़ों घायल

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज एक और पन्ना जुड़ गया। और वह पन्ना सचिन तेंदुलकर के रूप में जुड़ा जिसने ब्रायन लारा के 11,953 रन के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया। मेरे विचार से सचिन द्वारा बना रिकार्ड अब जल्दी टूटने वाला भी नहीं है। सचिन की बल्लेबाजी से अनगिनत भारतीयों को रोमांचित भी किया। भारत एक बार फिर क्रिकेट जगत में विव्श्र रिकार्ड तोड़कर उभरा। टेस्ट क्रिकेट में रनों के शिखर पर काबिज होने के बाद सचिन तेंदुलकर ने 12 हजार टेस्ट रन बनाने वाला पहला बल्लेबाज बनकर एक और उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि तेंदुलकर ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 15वां रन लेते ही लारा का रिकार्ड तोड़ा और फिर 61वां रन पूरा करके 12 हजार रन का जादुई आंकड़ा छुआ। सचिन की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में 16 हजार से अधिक रन बनाये हैं। इस स्टार बल्लेबाज ने अपना 50वां अर्धशतक भी पूरा किया। उनसे पहले केवल एलन बोर्डर (63), राहुल द्रविड़ (53) और स्टीव (50) ही अर्धशतकों का अर्धशतक पूरा कर पाये हैं। यदि वह इस अर्धशतक को शतक में तब्दील करते हैं तो फिर भारतीय सरजमीं पर सर्वाधिक शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। अभी यह रिकार्ड संयुक्त रूप से सुनील गावस्कर और उनके नाम पर है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में दूसरे क्रिकेट टेस्ट से पहले तेंदुलकर को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए 15 रन की दरकार थी और उन्होंने आज तेज गेंदबाज पीटर सिडल की गेंद पर तीन रन बनाकर ब्रायन लारा के 11,953 रन के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया। यह देखकर अच्छा लगता है कि एक भारतीय दुनिया में सर्वाधिक रन बनाने वाला बल्लेबाज है। अतीत में यह उपलब्धि सुनील गावस्कर के नाम थी और आज तेंदुलकर ने एक बार फिर हमारे लिए ऐसा किया। भारतीयों के लिए यह गर्व का मौका है। पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के पहले दिन अपने करिअर के 7000 रन पूरे कर लिए। गांगुली ने जैसे ही अपना 39वां रन बनाया उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सात हजार रनों का आंकडा पार कर लिया। इसी के साथ गांगुली ने टेस्ट क्रिकेट में सात हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के 33 वें खिलाड़ी बनने का श्रेय हासिल कर लिया। इसके अलावा गांगुली ने सात हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल कर लिया है। गांगुली ने अपने 111 वें टेस्ट मैच में यह प्रतिष्ठा हासिल की है। गांगुली से आगे भारत के तीन और बल्लेबाज शामिल हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर 152 टेस्ट मैचों में 12000 से ज्यादा रन बनाकर इसमें शीर्ष पर हैं। पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ 121 टेस्ट मैचों में 10,341 रन बनाकर दूसरे नंबर पर, लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर 125 टेस्ट मैचों में 10,122 रन बनाकर तीसरे नंबर पर हैं। इस सीरीज के बाद संन्यास लेने की घोषणा करने वाले गांगुली नेअब 111 टेस्ट मैचों में 42.21 के औसत से सात हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके टेस्ट मैचों में 15 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। इसी तरह गांगुली के 311 एकदिवसीय मैचों में 41.02 के औसत से 11,363 रन हैं। गांगुली ने वनडे मैचों में 22 शतक और 72 अर्धशतक लगाए हैं1 वह एकदिवसीय मैचों में 11 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे ऊपर हमवतन सचिन (16,361),श्रीलंका के आक्रामक बल्लेबाज सनत जयसूर्या (12,785) और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक (11739) हैं।

3 comments:

संगीता पुरी said...

हमारी ओर से भी उन्हें बहुत बहुत बधाई ....सही कहा आपने ....हम भारतीयों के लिए यह गर्व का मौका है।

Alag saa said...

सबको बधाई।
टेस्ट रेकार्ड का तो टेस्ट हो सकता है। पर सचिन के एक साथ के चारों (एक दिवसीय में सर्वोच्च शतक व रन, टेस्ट में सर्वोच्च शतक व रन) कीर्तिमानों तक पहुंचना किसी के लिए भी टेढ़ी खीर होगी।

bikram said...

भूपेन जी रिकॉर्ड तो बनते ही हैं टूटने के लिए. दो बल्लेबाज ऐसे हैं जो आगे चल कर सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं. सबसे प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग हैं और दूसरे दक्षिण अफ्रीका के जाक कालिस. ये दोनों भी ज़बरदस्त बल्लेबाज हैं. पोंटिंग ने अभी सचिन से करीब १८०० रन और ३ शतक (टेस्ट) कम बनाये हैं लेकिन वो सचिन से डेढ़ साल छोटे और ज्यादा फिट हैं. साथ ही ऑस्ट्रेलिया हर साल भारत की तुलना में कहीं ज्यादा टेस्ट खेलता है. ऑस्ट्रेलिया साल में औसतन १५ टेस्ट खेलता है जबकि भारत ८-१०. इसलिए पोंटिंग को ज्यादा मौके मिलेंगे. वो सचिन के रिटायर होने के २ साल बाद तक खेल सकता है. यही बात कालिस पे भी लागु है. वैसे आपके आलेख को पढ़ कर मजा आ गया. इसी तरह लिखते रहिये. आख़िर में एक बात और रिकॉर्ड टूटे या बचे अपना सचिन ब्रेड मैन के बाद सबसे महँ बल्लेबाज है.