Sunday, March 8, 2009
चुनाव विपक्ष नहीं जीतता, सरकारें हारती हैं
पिछले चुनाव में अटल बिहारी वाजपेई के करिश्माई व्यक्तित्व और तेईस दलों वाले लगभग एकजुट राजग के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाला मोर्चा चुनाव हार गया था। लेकिन इस बार न तो वैसा व्यक्तित्व शीर्ष पर है और राजग के घटक दलों की संख्या भी सिमटकर फिलहाल छह रह गई है। इसके बावजूद सत्ता के सपने संजोने में राजग पीछे नहीं है। राजग के महत्वपूर्ण घटक दल बीजू जनता दल ने शनिवार को भाजपा की अगुवाई से दामन छुड़ाने की घोषणा करके उसे एक करारा झटका दिया है और साथ ही लालकृष्ण आडवाणी के 'पीएम इन वेटिंग' के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। कुनबे में बिखराव की शुरूआत के बावजूद राजग की जीत के सपने पर भाजपा के एक बड़े नेता का कहना था कि चुनाव में विपक्ष नहीं जीतता बल्कि सरकार हारती है। पार्टी का दावा है कि संप्रग के आम आदमी के मुखौटे की पोल खुल चुकी है और जनता कांग्रेस को झूठे वायदे करने का सबक सिखाने के लिए बेताब है। वर्ष दो हजार चार तक भाजपा का ग्राफ काफी ऊंचा था और उसके फिर से चुनाव जीतने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन लगभग सभी अटकलों के बरखिलाफ इंडिया शाइनिंग का नारा उल्टा पड़ गया और 'सरकार हार गई' तथा विपक्ष (कांग्रेस नीत संप्रग) जीत गया। अब भाजपा को इसी कहावत के सच होने की उम्मीद है कि 'सरकार हारेगी और विपक्ष जीतेगा।' पिछले लोस चुनाव में बड़ा झटका खाने के कुछ ही समय बाद भाजपा का ग्राफ फिर चढ़ने लगा था। लोस चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस को जहां चौदह विस चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा, वहीं भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ बिहार, उड़ीसा, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक आदि में लगातार जीत हासिल करती रही। लेकिन आगामी लोस चुनाव से ऐन पहले दिल्ली और राजस्थान सहित छह में से चार विस चुनाव हार जाने से उसके विजयी अभियान पर झटकेदार ब्रेक लगा। छह दलों में सिमटे राजग के घटक दल भाजपा पर अपनी शर्ते थोपने का लगातार दबाव बनाए हुए हैं जिनमें शिव सेना, जदयू, अकाली दल, इंडियन नेशनल लोकदल और राष्ट्रीय लोकदल शामिल हैं। भाजपा ने कुछ दिन पहले असम गण परिषद के राजग में शामिल होने की घोषणा की लेकिन उसने कुछ ही देर बाद इसका खंडन करते हुए कहा कि वह राजग का हिस्सा नहीं है केवल सीटों के बंटवारे को राजी हुआ है। भाजपा को इस बार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, आन्ध्रप्रदेश, कर्नाटक और केरल में कोई सहयोगी दल नहीं मिलना बड़ी परेशानी का सबब है, क्योंकि लोकसभा की कुल सीटों की एक तिहाई यानी एक सौ इकत्तर सीट इन्हीं राज्यों से हैं। पिछले आम चुनाव में भाजपा कांग्रेस से पिछड़कर एक सौ अड़तीस सीट पर सिमट गई और उसके नेतृत्व वाले राजग को कुल एक सौ इक्यासी सीटें मिलीं। उधर कांग्रेस ने अपने बूते एक सौ पैंतालीस सीटें जीतने के साथ अपने सहयोगी दलों के साथ दो सौ इक्कीसका आंकड़ा छुआ और वाम दलों के समर्थन से सरकार बनाई।
Tuesday, March 3, 2009
पाक को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग करना होगा
विदेशी टीमों के दौरे रद होने की गाज पहले से ही झेल रहे पाकिस्तान पर अब श्रीलंकाई टीम पर लाहौर में हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी अलग-थलग पड़ने का खतरा और गहरा गया है और अब आईसीसी को ही यह फैसला लेना होगा कि क्या पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय टीमों की मेजबानी के लिए महफूज है।
दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन के खेल के लिए मंगलवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम जाते हुए श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर आधुनिक हथियारों से लैस कम से कम 12 आतंकियों ने हमला किया जिसमें छह क्रिकेटर घायल हो गए जबकि कम से कम छह सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को आतंकी हमले के मद्देनजर भारत के पाक दौरा रद करने के बाद श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने दौरा करने की हामी भरकर पीसीबी को वित्तीय हानि से बचने की आस बंधाई थी लेकिन अब इस हमले ने आईसीसी और अन्य टीमों की सुरक्षा चिंताओं को वाजिब ठहराया है और पाक को बरसों नहीं तो कम से कम महीनों तक अंतरराष्ट्रीय टीमों की मेजबानी से महरूम रहना पड़ सकता है।
भारत को पाकिस्तान दौरे पर तीन टेस्ट, पांच एक दिवसीय और एक ट्वंटी 20 मैच खेलना था लेकिन मुंबई हमले के बाद सरकार ने टीम को सरहद पार जाने की इजाजत नहीं दी थी। इस हमले के बाद भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2011 विश्व कप पर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं क्योंकि टीमों को अब पाकिस्तान में खेलने के लिए राजी करना आईसीसी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। इस पहले 2002 में कराची के शेरेटन होटल के समीप भी आत्मघाती कार धमाका हुआ था जिसमें न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ठहरी हुई थी और इस घटना के बाद टीम दौरा रद करके स्वदेश लौट गई थी।
पिछले साल आस्ट्रेलिया ने सुरक्षा कारणों से पाक दौरा रद कर दिया था जबकि आईसीसी ने भी इन्हीं कारणों से चैंपियंस ट्राफी स्थगित करने के बाद इसकी मेजबानी पाकिस्तान से छीन ली थी। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने इससे पहले पिछले माह तीन मैचों की एक दिवसीय सीरीज के लिए पाक का दौरा किया था और दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए वापस लौटी थी जो पिछले एक साल में किसी विदेशी टीम का पहला टेस्ट दौरा था। पहले ही रद दौरों की मार झेल रहे पाकिस्तानी क्रिकेट की माली हालत अब इस कदर बिगड़ सकती है कि उसे खिलाड़ियों को वेतन देने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले साल सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान दौरा रद करने वाली टीमों में आस्ट्रेलिया अव्वल रहा। बम विस्फोटों के मद्देनजर विश्व चैंपियन टीम ने अपना दौरा अप्रैल 2009 तक स्थगित कर दिया। विदेशी टीमों के कन्नी काटने की आशंका से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्राफी भी स्थगित करनी पड़ी और बाद में इसकी मेजबानी पाक से छीन ली गई। पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमियों को साल में एकमात्र सौगात जून में एशिया कप के रूप में मिली जिसमें भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश ने भाग लिया। इसमें भी मायूसी हाथ लगी जब मेजबान टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी। श्रीलंका ने भारत को हराकर यह टूर्नामेंट जीता।
पिछले साल दक्षिण अफ्रीका से अपनी धरती पर हारी पाकिस्तानी टीम ने बांग्लादेश में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत को हराकर किटप्लाय कप जीता। वेस्टइंडीज ने भी सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान आने से इंकार कर दिया जिसके बाद दोनों टीमों में अबुधाबी में तीन मैचों की एक दिवसीय सीरीज खेलनी पड़ी। आस्ट्रेलिया को भी अगले माह पाक का दौरा करना था लेकिन एक बार फिर उसके इंकार के बाद इस सीरीज को अबुधाबी और दुबई में स्थानांतरित कर दिया गया।
दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन के खेल के लिए मंगलवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम जाते हुए श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर आधुनिक हथियारों से लैस कम से कम 12 आतंकियों ने हमला किया जिसमें छह क्रिकेटर घायल हो गए जबकि कम से कम छह सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को आतंकी हमले के मद्देनजर भारत के पाक दौरा रद करने के बाद श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने दौरा करने की हामी भरकर पीसीबी को वित्तीय हानि से बचने की आस बंधाई थी लेकिन अब इस हमले ने आईसीसी और अन्य टीमों की सुरक्षा चिंताओं को वाजिब ठहराया है और पाक को बरसों नहीं तो कम से कम महीनों तक अंतरराष्ट्रीय टीमों की मेजबानी से महरूम रहना पड़ सकता है।
भारत को पाकिस्तान दौरे पर तीन टेस्ट, पांच एक दिवसीय और एक ट्वंटी 20 मैच खेलना था लेकिन मुंबई हमले के बाद सरकार ने टीम को सरहद पार जाने की इजाजत नहीं दी थी। इस हमले के बाद भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2011 विश्व कप पर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं क्योंकि टीमों को अब पाकिस्तान में खेलने के लिए राजी करना आईसीसी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। इस पहले 2002 में कराची के शेरेटन होटल के समीप भी आत्मघाती कार धमाका हुआ था जिसमें न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ठहरी हुई थी और इस घटना के बाद टीम दौरा रद करके स्वदेश लौट गई थी।
पिछले साल आस्ट्रेलिया ने सुरक्षा कारणों से पाक दौरा रद कर दिया था जबकि आईसीसी ने भी इन्हीं कारणों से चैंपियंस ट्राफी स्थगित करने के बाद इसकी मेजबानी पाकिस्तान से छीन ली थी। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने इससे पहले पिछले माह तीन मैचों की एक दिवसीय सीरीज के लिए पाक का दौरा किया था और दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए वापस लौटी थी जो पिछले एक साल में किसी विदेशी टीम का पहला टेस्ट दौरा था। पहले ही रद दौरों की मार झेल रहे पाकिस्तानी क्रिकेट की माली हालत अब इस कदर बिगड़ सकती है कि उसे खिलाड़ियों को वेतन देने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले साल सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान दौरा रद करने वाली टीमों में आस्ट्रेलिया अव्वल रहा। बम विस्फोटों के मद्देनजर विश्व चैंपियन टीम ने अपना दौरा अप्रैल 2009 तक स्थगित कर दिया। विदेशी टीमों के कन्नी काटने की आशंका से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्राफी भी स्थगित करनी पड़ी और बाद में इसकी मेजबानी पाक से छीन ली गई। पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमियों को साल में एकमात्र सौगात जून में एशिया कप के रूप में मिली जिसमें भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश ने भाग लिया। इसमें भी मायूसी हाथ लगी जब मेजबान टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी। श्रीलंका ने भारत को हराकर यह टूर्नामेंट जीता।
पिछले साल दक्षिण अफ्रीका से अपनी धरती पर हारी पाकिस्तानी टीम ने बांग्लादेश में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत को हराकर किटप्लाय कप जीता। वेस्टइंडीज ने भी सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान आने से इंकार कर दिया जिसके बाद दोनों टीमों में अबुधाबी में तीन मैचों की एक दिवसीय सीरीज खेलनी पड़ी। आस्ट्रेलिया को भी अगले माह पाक का दौरा करना था लेकिन एक बार फिर उसके इंकार के बाद इस सीरीज को अबुधाबी और दुबई में स्थानांतरित कर दिया गया।
Monday, March 2, 2009
चौदहवीं लोकसभा इतिहास के पन्नों में समाहित

पंद्रहवीं लोकसभा के चुनाव की तिथियां आज घोषित हो जाने के साथ ही वर्तमान चौदहवीं लोकसभा के इतिहास बनने में कुछ ही दिन रह गए हैं जिसमे एक क्रिकेट की टीम भर 'ब्लैक इलेवन' को बर्खास्त करने सहित कई अनूठे रिकार्ड बने। वर्तमान चौदहवीं लोकसभा ने अपने ग्यारह सदस्यों को बर्खास्त करने का इतिहास रचा। इस 'ब्लैक इलेवन' में कबूतरबाजी (मानव तस्करी) से लेकर पैसा लेकर सदन में सवाल पूछने जैसे स्तब्धकारी आरोपों से घिरे सदस्यों को सदन के बाहर का रास्ता दिखाया गया। इस दौरान पहली बार संसद में नोटों के बंडल भी लहराए गए। कबूतरबाज़ी मामले में भाजपा सांसद बाबूभाई कटारा को बर्खास्त किया गया। इसके अलावा लोकसभा के दस सदस्य सदन में प्रश्नकाल को कमाई का जरिया बनाने के आरोप में पकड़े जाने पर निष्कासित किए गए। चार अन्य सदस्यों को विभिन्न मामलों में निलंबित किया गया। वर्तमान लोकसभा में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत सदस्यों को मिलने वाले धन का दुरूपयोग किए जाने का घोटाला भी हुआ। चौदहवीं लोकसभा ने एक और अनूठे निष्कासन का भी नज़ारा किया। लोकसभा के पहले 'कामरेड' अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को उनके मूल दल माकपा ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया। वाम दलों द्वारा संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने पर अध्यक्ष पद छोड़े जाने का पार्टी का निर्देश नहीं मानने पर माकपा ने यह कार्रवाई की। इस लोकसभा में ही पहली बार अध्यक्ष के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाकर सम्पूर्ण विपक्ष ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। और पहली बार ही किसी अध्यक्ष ने सदन में हंगामा करने वाले सदस्यों को दोबारा न जीतने का श्राप दिया हालांकि जिसे उन्होंने दूसरे ही दिन वापस भी ले लिया।
Tuesday, February 24, 2009
स्लमडॉग मिलियनेयर ने कर दिया कमाल
अल्ला रक्खा रहमान वैसे तो सिर्फ एक नाम है लेकिन हिंदुस्तानी फिल्म संगीत से जुड़े लोगों के लिए यह नाम कुछ खास मायने रखता है। उन्नीस सौ बानवे में तमिल फिल्म 'रोजा' के संगीतकार के रूप में एक लंबे बालों वाले लड़के ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा और उस फिल्म के संगीत ने लोगों से एक वादा किया। यह वादा था फिल्म संगीत को आर्केस्टा की एकरस धुनों से निकाल कर एक ऐसे रूहानियत और पाकीजगी के मुकाम पर ले जाने का जहां वह ईश्वर से साक्षात्कार का माध्यम बन जाए। भविष्य में जब कभी हिंदुस्तानी सिनेमा का इतिहास लिखा जाएगा तो रहमान को सिर्फ इसलिए नहीं याद किया जाएगा कि उन्होंने दो-दो ऑस्कर पुरस्कार अथवा गोल्डन ग्लोब समेत अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। बल्कि उन्हें याद किया जाएगा एक ऐसे संगीतकार के रूप में जिसने समकालीन संगीत के मायने बदल दिए। जिसके संगीत में ईश्वरीय पुकार थी और था राष्ट्र गौरव। ए आर रहमान का जन्म चेन्नई में मलयाली फिल्मों के लिए संगीत रचना करने वाले संगीतकार आर.के. शेखर के बेटे ए.एस. दिलीपकुमार के रूप में हुआ था। महज नौ वर्ष की अवस्था में अपने पिता का सानिध्य खो देने वाले रहमान के परिवार को संगीत उपकरण किराए पर देकर अपना जीवन यापन करना पड़ा लेकिन संगीत तो उनकी रगों में बहता था। एक सूफी संत से प्रभावित रहमान के पूरे परिवार ने उन्नीस सौ नबासी में इस्लाम की दीक्षा ले ली और वर्ष उन्नीस सौ बानवे में उन्हें प्रसिद्ध फिल्मकार मणिरत्नम ने फिल्म 'रोजा' का संगीत देने के लिए आमंत्रित किया। उन्नीस सौ तिरानवे में तमिल फिल्म 'रोजा' के संगीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से शुरू हुआ यह सफर वर्ष दो हजार नौ में 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए ऑस्कर तक पहुंच चुका है।
सर्वश्रेष्ठ संगीत और गुलजार के साथ गीत रचना के दो ऑस्कर पुरस्कार हासिल करने के बाद रहमान ने कहा कि मेरी पूरी जिंदगी प्यार और नफरत के बीच झूलती रही, मैंने प्यार को चुना जिसकी वजह से आज मैं यहां हूं। टाइम मैगजीन द्वारा 'मोजार्ट ऑफ मद्रास' के नाम से पुकारे गए रहमान ने चेन्नई में केएम म्यूजिक कंजरवेटरी के नाम से म्यूजिक स्कूल खोला है, जहां वह संगीत का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यही नहीं हाल ही में उन्होंने ए.आर. रहमान फाउंडेशन के नाम से उन्होंने एक संगठन की स्थापना की है जिसके सहारे वह देश से भूख और गरीबी का उन्मूलन करने के प्रयास कर रहे हैं। 'रोजा' के गीत 'दिल है छोटा सा, छोटा सी आशा' शुरू हुआ रहमान का सुरीला सफर 'बांबे', 'जींस', 'रंगीला', 'दिल से', 'ताल', 'लगान', 'जुबैदा', 'युवा' और 'रंग दे बसंती', 'गुरू' जैसी फिल्मों के सहारे जारी है।
मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित ब्रिटिश निर्देशक डैनी बॉएल की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' 81वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह में छा गई। फिल्म को विभिन्न श्रेणियों में आठ पुरस्कार मिले हैं। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' भारतीय राजनयिक विकास स्वरूप की पुस्तक 'क्यू एंड ए' पर आधारित है। बॉएल को सवश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला वहीं भारतीय संगीतकार ए.आर.रहमान को बेस्ट ऑरिजनल स्कोर (सर्वश्रेष्ठ संगीत) के लिए पहला ऑस्कर पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्हें गीतकार गुलजार के साथ 'जय हो' गीत के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया। रहमान ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, ''मुझे इस समय एक हिंदी फिल्म का डॉयलॉग याद आ रहा है। जिसमें नायक कहता है कि मेरे पास मां है। मेरी मां यहां है, उनका आशीर्वाद मेरे साथ है। यह मेरे लिए खुशी की बात है।'' रहमान ने कहा कि मेरी पूरी जिंदगी प्यार और नफरत के बीच झूलती रही और मैंने प्यार को चुना, जिसकारण मैं यहां हूं। लास एंजेलिस के कोडक थियेटर में रविवार को आयोजित समारोह में साउंड मिक्सिंग के लिए रेसुल पोकुट्टी को ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया है। पोकुट्टी ने इयान टॉप और रिचर्ड प्राइके के साथ ऑस्कर पुरस्कार ग्रहण किया। फिल्म के संपादन के लिए क्रिस डिकन्स को ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए एंथनी डॉड मैंटल को सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार मिला। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मैंटल ने कहा, ''मैं इस पुरस्कार के लिए हजारों लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसके बिना यहां तक पहुंचना संभव नहीं था। मैं अपनी पत्नी, मां, पिताजी, भाई, बहन, डैनी बॉएल और उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने फिल्म के निर्माण में सहायता की। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' को सर्वश्रेष्ठ रुपांतरित पटकथा के लिए साइमन ब्यूफॉय को भी ऑस्कर पुरस्कार मिला है।
अब तक ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाले भारतीयों के नाम-एक. भानु अथया - वर्ष उन्नीस सौ बानवे में आई रिचर्ड एटनबरो की फिल्म 'गांधी' में सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा के लिए।
दो. सत्यजीत रॉय - वर्ष उन्नीस सौ बानवे में सिनेमा में जीवनपर्यत योगदान के लिए मानद 'लाइफटाइम अचीवमेंट' ऑस्कर।
तीन. ए.आर. रहमान - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के गीत 'जय हो' के लिए दो ऑस्कर, सर्वश्रेष्ठ संगीत और सर्वश्रेष्ठ गीत (संयुक्त रूप से)।
चार. गुलजार - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर (संयुक्त रूप से), रहमान के साथ।
पांच. रेसुल पोक्कुट्टी - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का ऑस्कर।
सर्वश्रेष्ठ संगीत और गुलजार के साथ गीत रचना के दो ऑस्कर पुरस्कार हासिल करने के बाद रहमान ने कहा कि मेरी पूरी जिंदगी प्यार और नफरत के बीच झूलती रही, मैंने प्यार को चुना जिसकी वजह से आज मैं यहां हूं। टाइम मैगजीन द्वारा 'मोजार्ट ऑफ मद्रास' के नाम से पुकारे गए रहमान ने चेन्नई में केएम म्यूजिक कंजरवेटरी के नाम से म्यूजिक स्कूल खोला है, जहां वह संगीत का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यही नहीं हाल ही में उन्होंने ए.आर. रहमान फाउंडेशन के नाम से उन्होंने एक संगठन की स्थापना की है जिसके सहारे वह देश से भूख और गरीबी का उन्मूलन करने के प्रयास कर रहे हैं। 'रोजा' के गीत 'दिल है छोटा सा, छोटा सी आशा' शुरू हुआ रहमान का सुरीला सफर 'बांबे', 'जींस', 'रंगीला', 'दिल से', 'ताल', 'लगान', 'जुबैदा', 'युवा' और 'रंग दे बसंती', 'गुरू' जैसी फिल्मों के सहारे जारी है।
मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित ब्रिटिश निर्देशक डैनी बॉएल की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' 81वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह में छा गई। फिल्म को विभिन्न श्रेणियों में आठ पुरस्कार मिले हैं। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' भारतीय राजनयिक विकास स्वरूप की पुस्तक 'क्यू एंड ए' पर आधारित है। बॉएल को सवश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला वहीं भारतीय संगीतकार ए.आर.रहमान को बेस्ट ऑरिजनल स्कोर (सर्वश्रेष्ठ संगीत) के लिए पहला ऑस्कर पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्हें गीतकार गुलजार के साथ 'जय हो' गीत के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया। रहमान ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, ''मुझे इस समय एक हिंदी फिल्म का डॉयलॉग याद आ रहा है। जिसमें नायक कहता है कि मेरे पास मां है। मेरी मां यहां है, उनका आशीर्वाद मेरे साथ है। यह मेरे लिए खुशी की बात है।'' रहमान ने कहा कि मेरी पूरी जिंदगी प्यार और नफरत के बीच झूलती रही और मैंने प्यार को चुना, जिसकारण मैं यहां हूं। लास एंजेलिस के कोडक थियेटर में रविवार को आयोजित समारोह में साउंड मिक्सिंग के लिए रेसुल पोकुट्टी को ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया है। पोकुट्टी ने इयान टॉप और रिचर्ड प्राइके के साथ ऑस्कर पुरस्कार ग्रहण किया। फिल्म के संपादन के लिए क्रिस डिकन्स को ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए एंथनी डॉड मैंटल को सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार मिला। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मैंटल ने कहा, ''मैं इस पुरस्कार के लिए हजारों लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसके बिना यहां तक पहुंचना संभव नहीं था। मैं अपनी पत्नी, मां, पिताजी, भाई, बहन, डैनी बॉएल और उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने फिल्म के निर्माण में सहायता की। 'स्लमडॉग मिलियनेयर' को सर्वश्रेष्ठ रुपांतरित पटकथा के लिए साइमन ब्यूफॉय को भी ऑस्कर पुरस्कार मिला है।
अब तक ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाले भारतीयों के नाम-एक. भानु अथया - वर्ष उन्नीस सौ बानवे में आई रिचर्ड एटनबरो की फिल्म 'गांधी' में सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा के लिए।
दो. सत्यजीत रॉय - वर्ष उन्नीस सौ बानवे में सिनेमा में जीवनपर्यत योगदान के लिए मानद 'लाइफटाइम अचीवमेंट' ऑस्कर।
तीन. ए.आर. रहमान - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के गीत 'जय हो' के लिए दो ऑस्कर, सर्वश्रेष्ठ संगीत और सर्वश्रेष्ठ गीत (संयुक्त रूप से)।
चार. गुलजार - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर (संयुक्त रूप से), रहमान के साथ।
पांच. रेसुल पोक्कुट्टी - वर्ष दो हजार नौ में फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का ऑस्कर।
Monday, February 16, 2009
रुपया कहां से आता है और कहां जाता है
सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा उधार से आता है और इसी तरह खर्च का एक बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में जाता है। सरकार के खजाने में आने वाले प्रत्येक एक रुपये में से उन्तीस पैसे उधार से, बाईस पैसे कारपोरेट कर से और बारह पैसे आयकर से आता है। बाकी में दस पैसे सीमा शुल्क से और बाकी के दस पैसे गैर-कर राजस्व मद से आते हैं। सेवा कर की हिस्सेदारी छह पैसे की होती है जबकि गैर-उधार पूंजी का हिस्सा एक फीसदी होता है। इसी तरह व्यय मद में प्रत्येक एक रुपये में बीस पैसे ब्याज पर खर्च होते हैं जबकि अट्ठारह पैसे केंद्रीय योजनाओं पर। केंद्र सरकार को प्रत्येक एक रुपये में से पंद्रह पैसे राज्यों को देने पड़ते हैं। अन्य गैर- बजटीय खर्च मद में चौदह पैसा जाता है। रक्षा मद में प्रति रुपये तेरह पैसे खर्च होते हैं जबकि खाद्यान, उर्वरक और ऊर्जा सब्सिडी के रूप में नौ पैसे खर्च होते हैं। राज्य व संघ शासित प्रदेशों की योजनाओं और गैर योजना सहयोग मद में क्रमश: सात और चार फीसदी खर्च होते हैं।
Sunday, February 8, 2009
इस साल का पहला चंद्रग्रहण नौ फरवरी को

इस साल का पहला चंद्रग्रहण सोमवार को होगा। इसे भारत समेत पूर्वी यूरोप, एशिया, आस्ट्रेलिया तथा उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों में देखा जा सकेगा। चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार शाम छह बज कर आठ मिनट से शुरू होकर रात दस बज कर आठ मिनट पर खत्म होगा। प्लैनेटरी सोसाइटी आफ इंडिया के संस्थापक तथा सचिव रघुनंदन कुमार ने बताया कि रात आठ बज कर आठ मिनट पर चंद्रमा का करीब नब्बे प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी के प्रकाशमान क्षेत्र की छाया से ढका होगा। चंद्रग्रहण देखने का सबसे अच्छा समय शाम साढ़े सात से साढ़े आठ बजे के बीच होगा। इस दौरान चंद्रमा के रंग में भी तब्दीलियां नजर आएंगी।
Tuesday, February 3, 2009
शहरों में गरीबी त्रुटिपूर्ण शहरीकरण से है

देश के शहरों में गरीबी की वजह गांवों में अत्यधिक गरीबी होना नहीं बल्कि इसका कारण है देश का त्रुटिपूर्ण शहरीकरण। यह तथ्य शहरी गरीबी पर जारी देश की पहली रिपोर्ट में उजागर किया गया है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मदद से तैयार यह रिपोर्ट 'भारत शहरी गरीबी रिपोर्ट-2009' आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने जारी की। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 23.7 प्रतिशत शहरी आबादी झोंपडपट्टियों में बदहाली की हालत में रह रही है लेकिन सभी झोंपडपट्टीवासी गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग नहीं है। ये लोग कमजोर शहरी योजना, शहरी जमीनी प्रबंधन तथा कानूनों के कारण ऐसी स्थितियों में रहने को मजबूर हैं। शहरी गरीबी का तात्पर्य केवल पोषकता का अभाव नहीं बल्कि आवास, पानी, साफ सफाई, चिकित्सा, सुविधाएं, शिक्षा तथा धनउपार्जन के अवसरों की कमी से है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रिपोर्ट शहरों में रहने वाले गरीबों पर नहीं बल्कि भारत में शहरीकरण की प्रक्रिया पर है जिसमें गरीबी को मुख्य बिन्दु की तरह रखा गया है।
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